1. 'राह भटके हिरन के बच्चे को' शीर्षक कविता में राह कौन भटक गया है?
2. 'राह भटके हिरन के बच्चे को' शीर्षक कविता के अनुवादक कौन हैं?
3. 'जाड़े की रात पहाड़ पर रो रहा है एक
5. जाड़े की रात में पहाड़ पर कौन रो रहा है?
6. 'आकाश में है तारे भरे नीचे झरे ढेर के ढेर पत्ते कितने नरम हैं हिरन के छौने, सो जा!' – यह पंक्ति किस शीर्षक कविता की है?